कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, जिसमें देरी के लिए समय नहीं है। जितनी जल्दी कैंसर का पता चल जाए मरीज की जान बचाना उतना आसान हो जाता है। कैंसर का खतरा उसकी स्टेज को लेकर बढ़ता और कम होता है। हालांकि फिर भी कुछ लोगों के मन में कुछ खास कैंसर को लेकर डर ज्यादा बना हुआ है जैसे- ब्लड कैंसर को लोग ज्यादा खतरनाक मानते हैं। आइये डॉक्टर से जानते हैं कि कौन सा कैंसर सबसे ज्यादा खतरनाक होता है और उसमें कितने प्रतिशत बचने की संभावना होती है।
डॉक्टर नेहा गर्ग (वरिष्ठ सलाहकार एवं चिकित्सा ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख, एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल, सोनीपत) की मानें तो कोई एक सबसे खतरनाक कैंसर नहीं है, लेकिन पैंक्रियाटिक कैंसर (अग्नाशय), लिवर कैंसर, छोटी कोशिका फेफड़ों का कैंसर (SCLC) और ग्लियोब्लास्टोमा यानि दिमाग का कैंसर सबसे घातक माने जाते हैं।
पैंक्रियाटिक कैंसर- इसमें मरीज के 8.3 से लेकर 13% प्रतिशत बचने की संभावना रहती है। औसतन देखा जाए तो 10% मरीज की जान अर्ली स्टेज में बचाई जा सकती है।
लिवर कैंसर- मरीज की जान बचने का करीब 13.4 प्रतिशत का औसत है।
ग्लियोब्लास्टोमा- दिमाग के कैंसर में 12.9% और औसत जीवनकाल 12-18 महीने हो सकता है।
छोटी कोशिका फेफड़ों का कैंसर (SCLC)- इसमें मरीज के बचनी की संभावना 7% से भी कम होती है।
एसोफेजियल कैंसर (ग्रासनली)- इसमें मरीज की जान 16.3 प्रतिशत तक बचने की संभावना रहती है।
कैंसर के खतरे को कम करने और लंबी जिंदगी जीने का सिर्फ एक ही तरीका है कि समय पर कैंसर की जांच कराएं। कैंसर के लक्षणों के बारे में जानें और अगर जरा भी संदेह हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से इस बारे में बात करें। जितनी जल्दी कैंसर का पता चल जाएगा मरीज का इलाज शुरू हो जाएगा और उसकी जान बचाने की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी। अगर परिवार में कैंसर की हिस्ट्री रही है तो समय-समय पर अपनी जांच कराते रहना आपके लिए बहुत जरूरी है।
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